Mahakavya Shri Ramayan Katha Review: कहानी बड़ी, फिल्म कैसी?
| Title | Mahakavya Shri Ramayan Katha |
|---|---|
| Director | Abhishek Singh |
| Writer | Shubham Shah, Abhishek Singh, Sachin Kumar Singh |
| Cast | Dev Sharma, Anjali Arora, Rajniesh Duggal, Sheel Verma, Nirbhay Wadhwa |
| Genre | Drama, Historical |
| Language | Hindi, Chhattisgarhi |
| Runtime | 2h 55m |
| Certificate | U |
| Where to watch | थिएटर |
| Our score | 2 / 5 |
Mahakavya Shri Ramayan Katha की सबसे बड़ी ताकत उसकी मूल कहानी है, लेकिन फिल्म उसे ऐसे तरीके से पेश करती है कि करीब 3 घंटे का runtime काफी लंबा महसूस होने लगता है। Music आपको पसंद आ सकता है, लेकिन कमजोर screenplay और visuals फिल्म का मजा कम कर देते हैं।

शुरुआत कैसी है?
रामायण ऐसी कहानी है जिसे भारत में शायद ही कोई पूरी तरह अनजान होकर देखे। इसलिए इस फिल्म के सामने सबसे बड़ा सवाल कहानी का नहीं, कहानी को फिल्म में बदलने का था।
और यहीं से मेरी परेशानी शुरू होती है।
आपको फिल्म में राम, सीता, लक्ष्मण, रावण और हनुमान की वही जानी-पहचानी दुनिया मिलती है। फिल्म रामायण के बड़े हिस्से को एक साथ दिखाने की कोशिश करती है। लेकिन कई जगह ऐसा लगता है कि एक घटना खत्म होने से पहले दूसरी घटना शुरू हो गई।
आप एक scene में कुछ महसूस करने लगते हैं और तभी फिल्म अगले chapter पर चली जाती है।
Film की official कहानी में एक युवा बच्चे को भगवान राम की कथा समझाने वाला framing setup भी रखा गया है। इसके बाद कहानी राम के जीवन और रामायण के प्रमुख घटनाक्रम की तरफ जाती है।
कहानी
कहानी पर बहुत ज्यादा बात करने की जरूरत नहीं है, क्योंकि आप रामायण जानते ही हैं।
फिल्म राम और सीता की कहानी को सामने रखती है। इसमें वनवास, सीता हरण, लंका और राम-रावण संघर्ष जैसे बड़े हिस्से आते हैं।
समस्या यह है कि इतनी बड़ी कथा को करीब 3 घंटे में समेटना अपने आप में मुश्किल काम है। फिल्म कई घटनाओं को दिखाती जरूर है, लेकिन उनके बीच वह भावनात्मक समय नहीं दे पाती जिसकी जरूरत थी।
यानी कहानी में कमी रामायण की नहीं है। कमी इस बात में है कि screenplay ने इस विशाल कहानी को कितनी अच्छी तरह scenes में बांटा है।
Direction और Screenplay
Abhishek Singh ने direction के साथ कहानी को बड़े पर्दे पर रखने की कोशिश की है। लेकिन फिल्म का सबसे कमजोर हिस्सा screenplay है।
Screenplay यानी कहानी को scenes में कैसे सजाया गया है। यहां कई बार ऐसा लगता है कि makers का लक्ष्य ज्यादा से ज्यादा घटनाएं दिखाना था।
एक घटना आती है, फिर दूसरी आती है, फिर तीसरी। लेकिन हर घटना को पर्याप्त समय नहीं मिलता।
इस वजह से फिल्म एक लगातार चलने वाली कहानी कम और रामायण के अलग-अलग chapters का collection ज्यादा लगती है।
आपको ऐसा भी महसूस हो सकता है कि कहानी को थोड़ा कम करके कुछ खास हिस्सों पर ज्यादा ध्यान दिया जाता तो फिल्म का असर बेहतर होता।
मेरे लिए सबसे बड़ी समस्या यही है कि लगभग 3 घंटे की फिल्म देखने के बाद भी कई जगह ऐसा लगता है कि कहानी भाग रही है और फिर भी फिल्म लंबी है।
यह अजीब combination है।
Acting / Performances
Dev Sharma को राम के किरदार में लिया गया है। मेरे notes के हिसाब से उनके performance में सबसे बड़ी दिक्कत expression और presentation को लेकर है। कई scenes में चेहरे पर जरूरत से ज्यादा मुस्कान दिखाई देती है, जिससे situation और performance के बीच connection कमजोर हो जाता है।
Anjali Arora ने सीता का किरदार निभाया है। फिल्म में उनका screen time और कुछ scenes का treatment ऐसा है कि character को उतना space नहीं मिलता जितना मिलना चाहिए था।
मेरे लिए उनका performance फिल्म को संभालने वाली चीज नहीं बन पाता।
Rajniesh Duggal रावण के रूप में हैं। उनके look और presentation में काफी चीजें दिखाई जाती हैं, लेकिन character की presence उतनी प्रभावशाली नहीं बन पाती।
Sheel Verma लक्ष्मण के किरदार में हैं और Nirbhay Wadhwa हनुमान के रूप में नजर आते हैं। दोनों की casting फिल्म के मुख्य हिस्से में है, लेकिन overall presentation की वजह से performances कई बार artificial लगती हैं।
और यही वह जगह है जहां आपकी आंखें acting से ज्यादा makeup, costume और visual treatment पर चली जाती हैं।
Also read: Street Fighter (2026) Trailer Review: Ryu और Ken की दमदार वापसी
Music, BGM और Songs
अब फिल्म की एक चीज जिसकी मैं तारीफ करूंगा, वह है Music।
मेरे notes में भी यही हिस्सा सबसे ज्यादा positive रहा और फिल्म देखने के बाद यह बात समझ आती है।
Kailash Kher समेत कई singers की आवाज में गाने हैं। Official promotional credits में Javed Ali, Shahid Mallya, Farhad Bhiwandiwala, Kailash Kher, Shaan और Vaishali Samant जैसे singers के नाम दिए गए हैं।
कुछ जगह music माहौल को संभाल लेता है।
थिएटर में devotional mood बनाने में songs और BGM की भूमिका अच्छी है। अगर आप धार्मिक या devotional music पसंद करते हैं तो फिल्म का यह हिस्सा आपको बाकी फिल्म से ज्यादा पसंद आ सकता है।
मेरी rating में 4/5 का score इसी वजह से है।
Visuals
अब आते हैं उस हिस्से पर जहां फिल्म सबसे ज्यादा struggle करती है।
आपके notes में visuals को लेकर काफी मजेदार observations हैं और कई जगह ये बातें फिल्म देखते समय सच में ध्यान खींचती हैं।
VFX और visual effects कई scenes में convincing नहीं लगते।
कुछ costumes और props इतने artificial दिखाई देते हैं कि आपका ध्यान कहानी से हटकर इस बात पर चला जाता है कि यह चीज बनी कैसे होगी।
हनुमान के look और उनकी tail का presentation भी natural नहीं लगता।
Flying scenes में BGM और sound effects के combination से impact बढ़ाने की कोशिश की गई है, लेकिन कई जगह effect उल्टा पड़ता है।
फिल्म ने बड़े mythological canvas को दिखाने की कोशिश की है, लेकिन scale और visual quality में हमेशा बराबरी नहीं बैठती।
यही वजह है कि बड़े moments भी उस level का असर नहीं छोड़ते जिसकी उनसे उम्मीद की जाती है।
Also read: Thudakkam Movie Review 2026: फिल्म कैसी है?
Dialogues और Writing
Dialogues बहुत जगह कहानी को आगे बढ़ाने के लिए हैं, लेकिन writing में natural flow की कमी महसूस होती है।
कई characters अचानक सामने आते हैं और फिर कहानी अगले हिस्से में चली जाती है।
अगर आप रामायण की कहानी पहले से जानते हैं तो आपको समझने में ज्यादा दिक्कत नहीं होगी। लेकिन कोई नया viewer हर character और हर घटना के बीच connection बनाने में थोड़ा परेशान हो सकता है।
Writing का एक और issue यह है कि फिल्म कई जगह explanation देती है, लेकिन emotion के लिए उतना समय नहीं देती।
रामायण सिर्फ घटनाओं की list नहीं है। इसमें रिश्ते, त्याग, कर्तव्य, भक्ति और भावनाएं भी हैं। फिल्म इन चीजों को छूती है, लेकिन कई बार जल्दी आगे निकल जाती है।
क्या अच्छा है?
- रामायण की मूल कहानी
Source material अपने आप में मजबूत है। बड़े घटनाक्रम और characters लोगों से पहले से जुड़े हुए हैं। - Music और singers
Kailash Kher समेत singers की आवाज फिल्म के devotional माहौल को बेहतर बनाती है। - परिवार के लिए certificate
Film को U certificate के साथ list किया गया है और अभी यह theatres में चल रही है।
क्या कमजोर है?
- Screenplay बहुत फैला हुआ है
कहानी बड़ी है लेकिन scenes को पर्याप्त समय नहीं मिलता। - Visual effects
कई जगह VFX और costumes screen पर artificial दिखाई देते हैं। - Runtime का असर
करीब 3 घंटे की लंबाई के बावजूद narrative कई जगह rushed लगता है। यानी फिल्म लंबी भी महसूस होती है और कुछ हिस्से जल्दी में भी।
SPOILER ALERT
अब आगे फिल्म के कुछ specific scenes और घटनाओं पर बात होगी।
फिल्म में सीता के हरण के बाद उनका काफी देर तक screen से गायब रहना एक बड़ा narrative gap महसूस होता है। आपके notes के मुताबिक यह हिस्सा इतना लंबा लगा कि character की absence खुद एक noticeable चीज बन गई।
हनुमान के उड़ने वाले scenes में sound design और background music का इस्तेमाल भी कई जगह काफी अजीब लगता है। जिस moment को बड़ा और भावुक होना चाहिए था, वहां sound effect ध्यान खींचने लगता है।
जटायु और रावण वाला scene भी ऐसा है जहां performance और scene की seriousness के बीच फर्क दिखाई देता है।
फिल्म के कुछ visual choices इतने artificial हैं कि serious mythology वाला mood टूट जाता है।
और यही वजह है कि climax तक पहुंचते-पहुंचते कहानी का emotional असर उस level पर नहीं पहुंचता जिसकी उम्मीद रामायण जैसी कथा से की जाती है।
SPOILER END
किसे देखनी चाहिए, किसे skip करनी चाहिए?
अगर आप रामायण की कहानी को बड़े पर्दे पर देखना चाहते हैं और आपकी priority devotional content है, तो आप इसे थिएटर में देख सकते हैं।
अगर आप high-quality VFX, realistic visuals और modern cinematic presentation की उम्मीद लेकर जा रहे हैं, तो आपकी expectations थोड़ी अलग हो सकती हैं।
U certificate के कारण फिल्म को family audience के लिए certificate-level restriction नहीं है। लेकिन करीब 3 घंटे का runtime छोटे बच्चों के लिए लंबा महसूस हो सकता है।
फिल्म अभी theatres में है। OTT platform या streaming date अभी officially announce नहीं हुई है।
Box Office और OTT Outlook
27 सितंबर 2026 तक फिल्म का theatrical run जारी है।
Bollywood Hungama के tracker पर 25 सितंबर के opening day के लिए ₹0.08 करोड़ India collection दर्ज है और अभी overseas या worldwide figure उपलब्ध नहीं है।
इसलिए मैं कोई बड़ा worldwide या weekend number claim नहीं करूंगा। दूसरे live trackers के आंकड़ों में भी अंतर दिखाई देता है और कुछ figures estimated हैं। इसलिए इन्हें final makers’ figures की तरह नहीं लिखा जाना चाहिए।
OTT की बात करें तो अभी कोई official platform या release date announced नहीं है। Current listings इसे theatrical release के रूप में दिखाती हैं।
Final Verdict
Mahakavya Shri Ramayan Katha में ऐसी कहानी है जिसे खराब करना मुश्किल है, लेकिन उसे अच्छे cinema में बदलना अलग काम है।
फिल्म में Music अच्छा है और रामायण के बड़े हिस्से को दिखाने की कोशिश साफ दिखाई देती है। लेकिन screenplay, acting presentation और खासकर visuals की वजह से फिल्म का असर कम हो जाता है।
मेरे हिसाब से यह फिल्म 2/5 की है।



